Thursday, November 20, 2008

परीक्षा के समय का प्रवचन


(निजी अनुभव पर आधारित)

कितनी शिद्दत से पास होने की कोशिश की है
कि हर फर्रे ने पास कराने में साजिश की है

अगर तुम पूरे दिल से पास होना चाहो तो पूरी कायनात तुम्हे पास करवाने में लग जाती है...
अगर फिर भी पास न हो पाओ तो....................

Supplementary/ year back.. अभी बाकी है मेरे दोस्त ....

2 comments:

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

रमा कान्त सिंह (बाबा बिहारी) said...

चिठ्ठा जगत में अभी नया हूँ| आपलोगों के आशीर्वचन और दिशा-निर्देश की आवश्यकता होगी|