Monday, June 11, 2007

सपना

मेरा जीवन कितना अपना

मेरा जीवन जैसे सपना

सपना जिसमे रंग नहीं है

कोई मेरे संग नहीं है

एक अकेली मेरी आँखे

एक अकेला मेरा सपना

ऐसा जिसमे मै ही मै हूँ

ऐसा जिसमे इन्तजार है

ऐसा जिसमे हार नहीं है

लेकिन इसमें प्यार नहीं है

काश ये सपना सच न होता

काश ये सपना सच न होता

काश मै ये सब नहीं देखता

लेकिन गर ये सब न होता

जो होता वो कब न होता

जो लिखता हूँ

जो करता हूँ

जैसा हूँ मै

अब ना होता !

No comments: